“नींद मेरी ख्वाबों में खो गई” एक ऐसी कविता है, जो उन लोगों की कहानी कहती है जिनकी आँखों में नींद से ज्यादा सपने होते हैं। जब इंसान जागते हुए भी ख्वाब देखता है और कलम अपने-आप हाथ में आ जाती है, तब ऐसी ही पंक्तियाँ जन्म लेती हैं। यह कविता struggle, hope और inner fire को beautifully express करती है।
नींद मेरी ख्वाबों में खो गई…..

आज फिर नींद मेरी
ख्वाबों में खो गई
मैं जाग रहा था
और फिर हाथ में कलम आ गई
मैं सोचता हूँ
कुछ देर के लिए औरों की तरह
मैं भी सो जाऊं
पर ये मेरे ख्वाब
मुझे सोने नहीं देते
ये मेरे ख्वाब ही हैं
जिन्होंने मुझे जिन्दा रखा हैं
वैसे तो कई बार
मैं मौत से खेलकर आया हूँ
पर हरबार ख्वाबों में लिपटकर
लौट आया हूँ
जी हाँ दोस्तों जिन्दा हूँ
इसीलिए तो लड़ रहा हूँ
मैं सो जाने से भी डरता हूँ
कहीं मैं मेरे ख्वाबों को
न भूल जाऊं
आज फिर नींद मेरी
ख्वाबों में खो गई………
सुरेश के
सुर……..
Sleep got lost in dreams………

Today again sleep got lost
in my dreams.
I was awakened and then
the pen came in my hand.
I think…………
I should also sleep
like other for a while
but these are my dreams
don’t let me sleep.
These are my dreams
who kept me alive.
Well, many times
I have played with death
but every time I have returned
back wrapped in dreams.
Yes friends, I am alive
that’s why I am fighting.
I am too scared to sleep
somewhere I don’t forget
my dreams.
Today again sleep got lost
in my dreams……….
Suresh Saini
यह कविता हमें याद दिलाती है कि ख्वाब ही हमें जिन्दा रखते हैं और आगे बढ़ने की ताकत देते हैं। “नींद मेरी ख्वाबों में खो गई” उन सभी लोगों के लिए है जो हार मानने से पहले अपने सपनों से लिपटना जानते हैं। अगर ये lines आपके दिल से जुड़ जाएँ, तो इसे Share करें और Comment में बताएं कि आपके ख्वाब आपको कितनी दूर ले जा रहे हैं।
अगर आपको सपनों से जुड़ी कविताएँ पसंद हैं और आप मानते हैं कि sapne hi jeevan ki asli asha hote hain, तो यह कविता जरूर पढ़िए। “Sapne Jeevan Ki Asha” उन ख्वाबों की बात करती है जो मुश्किल समय में भी इंसान को आगे बढ़ने की वजह देते हैं। यह poem hope, positivity और life goals को softly touch करती है, जो हर dreamer के दिल से जुड़ जाती है।
