सर्दी का मौसम सिर्फ ठंड नहीं लाता, बल्कि यादों, स्वादों और एहसासों का एक पूरा मौसम साथ लाता है।
कविता “Sardi Se Baatein” में वही मासूम गर्मजोशी और सर्दी की खूबसूरती को बखूबी व्यक्त किया गया है —
कड़कड़ाती सुबहें, धूप का गुनगुनाना, गजक की मिठास और रजाई में सिमटी राते… हर पंक्ति एक nostalgic एहसास जगाती है। यह कविता हमें ठंड में छिपी उस cozy feeling का एहसास कराती है, जो दिल को मुस्कुरा देती है।
सर्दी से बातें……………..

ये सर्दी की राते
वो रजाई से लंबी बातें
सुबह की कड़कड़ाती ठंड
उसको चीरती हुई
सूरज की किरणे
फिर धूप का गुनगुनाना
शाम ढलने तक
एक संगीत सुनाना
वो दूर से अपने पास बुलाती
सिकती हुई मूंगफली की महक
वो मुहँ में मिठास घोलती
सजी हुई गजक की दुकाने
रात को फिर
रजाई में सिमट जाने वाली राते
वो सर्दी से बातें…………
सुरेश के
सुर……….
Talks with winter………..

The winter nights,
long talks with the quilt.
The bitter cold of the morning,
the arrival of sun rays and
tearing the cold.
Then the humming of sunshine,
play a tune till the sunset.
The smell of roasting peanuts
calls everyone from a distance.
The decorated gajak shops
mix sweetness to the mouth.
Again at night…………
Night curled up in quilts.
The talks with winter………..
Suresh Saini
सर्दी के दिन और रातें हमें सिखाती हैं कि ठंड के बीच भी गर्माहट महसूस की जा सकती है — अगर मन में प्यार और सुकून हो।
अगर आपको यह मनमोहक कविता “Sardi Se Baatein” पसंद आई हो, तो इसे अपने दोस्तों और परिवार के साथ जरूर Share करें और
नीचे Comment में बताइए — आपकी favorite winter memory क्या है?
अगर आपको यह प्यारी सी मौसम से जुड़ी कविता “Sardi Se Baatein” पसंद आई हो, तो बरसात की ठंडी फुहारों और यादों को सहेजती एक और खूबसूरत कविता “Baarish Ki Boonde” भी जरूर पढ़ें — जहाँ हर बूंद दिल को छू जाती है और प्रकृति अपने सबसे मधुर रूप में दिखाई देती है।