बारिश… जो आते ही मौसम ही नहीं, mood भी बदल देती है। मिट्टी की सोंधी खुशबू, ठंडी हवा और गिरती बूंदें—सब मिलकर दिल को एक अलग ही सुकून देती हैं। कविता “Baarish Ki Boonde” उसी feeling को words देती है, जहाँ बारिश सिर्फ पानी नहीं बल्कि memories, masti और प्रकृति का pure gift बन जाती है।
बारिश की बूंदे……………..

बारिश की बूंदे
हर दिल करता हैं
बस छू लें
मिट्टी की सोंधी महक हैं
बारिश की बूंदे
प्रकृति का श्रृंगार हैं
बारिश की बूंदे
कभी शांत तो कभी विकराल हैं
बारिश की बूंदे
बचपन की मस्ती हैं
बारिश की बूंदे
जवानी – बुढ़ापा सबको गुदगुदाती हैं
बारिश की बूंदे
हर किसी को इंतजार रहता हैं
बारिश की बूंदे
अनमोल उपहार हैं
बारिश की बूंदे
ये हैं प्यारी
बारिश की बूंदे……………
सुरेश के
सुर………….
Rain Drops…………

Rain drops
Every heart does just
touch……….
There is a sweet smell of soil.
Rain drops………
Nature’s makeup
Rain drops………
Sometimes calm and
sometimes monstrous.
Rain drops……..
It’s the fun of childhood.
Rain drops excite everyone
youth and old age.
Rain drops………..
Everyone waits for rain drops.
Rain drops are precious gifts.
Rain drops………..
These are lovely.
Rain drops…………..
Suresh Saini
यह कविता उन सभी के लिए है जिन्हें बारिश की हर बूँद में बचपन की शरारत, जवानी की उमंग और जीवन का सुकून महसूस होता है।
अगर इस poem ने आपको भी बारिश की यादों में भिगो दिया हो, तो इसे जरूर Share करें और Comment में बताएं—बारिश की कौन-सी याद आपके दिल के सबसे करीब है?
अगर आपको मौसम से बातें करती कविताएँ पसंद हैं, तो “Sardi Se Baatein” जरूर पढ़िए। यह कविता सर्दी की ठंडी सुबहों, धुंध, और उस खामोश-सी warmth को महसूस कराती है, जहाँ प्रकृति भी इंसान से बातें करने लगती है। यह रचना दिल को सुकून देती है और nature से जुड़ाव का एहसास कराती है।