कभी-कभी दिल अपनी बात किसी इंसान से नहीं, सीधे खुदा से कह देता है। जब मोहब्बत अधूरी हो, जब दीदार बस एक ख्वाब बन जाए, तब दुआ ही आखिरी रास्ता होती है। कविता “Mere Khuda Sanam Ka Deedar To Kara De” उसी silent prayer और innocent hope को words देती है—जहाँ प्यार की सबसे बड़ी मांग बस एक मुलाकात होती है।
मेरे खुदा सनम का दीदार तो करा दे………..

ओ ! मेरे खुदा कोई चक्कर तो चला दे
रचा हैं तुने
मेरे लिए भी कोई
ऐसे सनम का दीदार तो करा दे
ओ ! मेरे खुदा कोई चक्कर तो चला दे
एकबार उनसे आँखे चार तो करा दे
कुछ घड़ी की मुलाकात तो करा दे
चाहे इजहार न करे वो
उनकी एक मुस्कान तो दिला दे
सनम का दीदार तो करा दे
जिंदगी भर तेरी मर्जी का इंतजार करेंगे
रचा हैं हमारे लिए भी कोई
बस इतना सा ऐतबार तो करा दे
मेरे सनम का दीदार तो करा दे
ओ ! मेरे खुदा कोई चक्कर तो चला दे………….
सुरेश के
सुर…………
Show me my love………..

Oh! My God, give me some fun.
You have created someone
for me too.
Show me such love.
Oh! My God, give me some fun.
Let her give me a look……….
Arrange a meeting for a few minutes.
Whether she expresses it or not
make her smile at least.
Please make me see ‘Sanam’.
I will wait for your wish all my life,
you have created someone for me too,
just make me trust……….
Show me my love.
Oh! My God, give me some fun……….
Suresh Saini
यह कविता उन सभी दिलों के लिए है जो आज भी भरोसे और सब्र के साथ अपने sanam के दीदार का इंतजार कर रहे हैं।अगर इस poem ने आपके दिल की किसी दुआ को छू लिया हो, तो इसे जरूर Share करें और Comment में बताएं—क्या आपने भी कभी खुदा से ऐसी मोहब्बत भरी फरियाद की है?
अगर आपको प्यार की वो बातें पसंद हैं जो सीधे दिल से निकलकर दिल तक पहुँचती हैं, तो हमारी latest love poetry “Pyaar Ki Baat Koi…” जरूर पढ़ें। यह कविता उन अनकही बातों, मासूम एहसासों और silent emotions को बयां करती है जिन्हें शब्दों में कहना आसान नहीं होता।